Author name: Dr Markanday Ahuja

Geeta

कर्म को निष्काम भाव से करने की अंतर्दृष्टि देती है गीता।

भगवद्गीता का अत्यंत चर्चित, प्रसिद्ध, चिंतनशील एवं अनुकरणीय श्लोक दूसरे अध्याय का 47वाँ श्लोक है— कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। मा

Geeta

नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए महत्त्वपूर्ण गीता-दर्शन

भारतीय विचार में शिक्षा का उद्देश्य भारतीय विचार में शिक्षा का उद्देश्य सदैव कल्याणकारी समाज के लिए संवेदनशील, बुद्धिमान, तार्किक,

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