गुरु-शिष्य परंपरा का चरमोत्कर्ष मोक्ष-प्राप्ति है।
मीन्स और मेंटर में हमेशा मेंटर का करें चुनाव (गुरु पूर्णिमा पर विशेष) वैदिक काल से ही भारत में गुरु-शिष्य […]
मीन्स और मेंटर में हमेशा मेंटर का करें चुनाव (गुरु पूर्णिमा पर विशेष) वैदिक काल से ही भारत में गुरु-शिष्य […]
हमारा अहंकार हमारे भीतर की कमजोरी को छिपाता है जीवन को दो प्रकार से देखा जा सकता है। पहला दृष्टिकोण
द्वंद्वात्मक स्थिति से उबारने का शास्त्र है गीता यदि मन एकाग्र हो, तो संकल्प संगठित और शक्तिशाली बन जाता है।
मुश्किलों में मुस्कुराना सीखें भगवान श्रीकृष्ण से गीता के द्वितीय अध्याय के नौवें श्लोक में संजय कहते हैं— एवमुक्त्वा हृषीकेशं
भगवान श्रीकृष्ण से भी जुड़ा है दीपावली का त्योहार दीपावली से एक दिन पूर्व नरक चतुर्दशी पर भगवान श्रीकृष्ण
विजय की घोषणा से पहले उत्कृष्ट प्रदर्शन को ही विजय मान लेना कई बार निराशा का कारण बनता है कर्मयोग
गीता की प्रेरणाएँ शाश्वत हैं : जीवन के साथ भी, जीवन के बाद भी हाल ही में ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी
जैसे दूध में मक्खन है, उसी प्रकार भगवान भी सर्वत्र हैं गीता के नौवें अध्याय के तीसरे श्लोक में भगवान
मानसिक स्वास्थ्य की अचूक ‘थेरेपी’ है गीता गीता ऐसा दिव्य ग्रंथ है, जो मनुष्य के मानसिक स्वास्थ्य के लगभग सभी
अनासक्ति विरक्ति नहीं है अक्सर लोग अनासक्ति का अर्थ विरक्ति समझ लेते हैं, जबकि अनासक्ति विरक्ति नहीं है। वास्तव में