Dr. Markanday Ahuja

Dr. Ahuja is an excellent orator, avid reader and meticulous writer. He has written over 20 books.

"कोई अल्फाज नहीं है, फिर भी कलम उठाई है , गीता के प्रचार की लौ जलाई है! कोई भाषा व्याकरण नहीं है, फिर भी दिल से गीता गाई है,गीता के प्रचार की लौ जलाई है! कोई तजुर्बा नहीं है, फिर भी जागरूकता की बीड़ उठाई है, गीता के प्रचार की लौ जलाई है! कोई धन दौलत नहीं है,फिर भी श्रीकृष्ण कृपा से आस लगाई है, गीता के प्रचार की लौ जलाई है! कोई वाद्य उपकरण नहीं हैं,फिर भी एक हाथ से ताली बजाई है,गीता के प्रचार की लौ जलाई है! आशा है आपको गीता का यह स्वरूप पसन्द आएगा।"
डॉ मारकन्डे आहूजा
नेत्र विशेषज्ञ एवं पूर्व कुलपति

Key Highlights

प्रकाशन

गुरु-शिष्य परंपरा का चरमोत्कर्ष मोक्ष-प्राप्ति है।
06Aug

गुरु-शिष्य परंपरा का चरमोत्कर्ष मोक्ष-प्राप्ति…

मीन्स और मेंटर में हमेशा मेंटर का करें चुनाव (गुरु पूर्णिमा पर विशेष) वैदिक काल से ही भारत में गुरु-शिष्य […]

अहंकार अज्ञानता की निशानी है।
06Aug

अहंकार अज्ञानता की निशानी है।

हमारा अहंकार हमारे भीतर की कमजोरी को छिपाता है जीवन को दो प्रकार से देखा जा सकता है। पहला दृष्टिकोण […]

अर्जुन के चित्त की दशा हम सबके चित्त की दशा है।
06Aug

अर्जुन के चित्त की दशा…

द्वंद्वात्मक स्थिति से उबारने का शास्त्र है गीता यदि मन एकाग्र हो, तो संकल्प संगठित और शक्तिशाली बन जाता है। […]

मुश्किलों में मुस्कुराना सीखें भगवान श्रीकृष्ण से
05Aug

मुश्किलों में मुस्कुराना सीखें भगवान…

मुश्किलों में मुस्कुराना सीखें भगवान श्रीकृष्ण से गीता के द्वितीय अध्याय के नौवें श्लोक में संजय कहते हैं— एवमुक्त्वा हृषीकेशं […]

भगवान श्रीकृष्ण से भी जुड़ा है दीपावली का त्योहार
05Aug

भगवान श्रीकृष्ण से भी जुड़ा…

  भगवान श्रीकृष्ण से भी जुड़ा है दीपावली का त्योहार दीपावली से एक दिन पूर्व नरक चतुर्दशी पर भगवान श्रीकृष्ण […]

धीर पुरुष मुक्ति का पात्र है : गीता
05Aug

धीर पुरुष मुक्ति का पात्र…

विजय की घोषणा से पहले उत्कृष्ट प्रदर्शन को ही विजय मान लेना कई बार निराशा का कारण बनता है कर्मयोग […]

गीता में समस्याओं का पूर्वानुमान और समाधान
04Aug

गीता में समस्याओं का पूर्वानुमान…

  गीता की प्रेरणाएँ शाश्वत हैं : जीवन के साथ भी, जीवन के बाद भी हाल ही में ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी […]

भगवान की अनुभूति का पहला चरण श्रद्धा है : गीता
04Aug

भगवान की अनुभूति का पहला…

जैसे दूध में मक्खन है, उसी प्रकार भगवान भी सर्वत्र हैं गीता के नौवें अध्याय के तीसरे श्लोक में भगवान […]

अशांति के समुद्र में शांति का द्वीप है गीता।
04Aug

अशांति के समुद्र में शांति…

मानसिक स्वास्थ्य की अचूक ‘थेरेपी’ है गीता गीता ऐसा दिव्य ग्रंथ है, जो मनुष्य के मानसिक स्वास्थ्य के लगभग सभी […]

अनासक्ति हमारा स्वभाव है : गीता
04Aug

अनासक्ति हमारा स्वभाव है :…

अनासक्ति विरक्ति नहीं है अक्सर लोग अनासक्ति का अर्थ विरक्ति समझ लेते हैं, जबकि अनासक्ति विरक्ति नहीं है। वास्तव में […]

गीता की अंतर्दृष्टि और न्यूरोसाइंटिस्टों के शोध : समग्र मानव विकास का महाकुंभ
03Aug

गीता की अंतर्दृष्टि और न्यूरोसाइंटिस्टों…

जब भगवान श्रीकृष्ण विरक्ति, अनासक्ति अथवा मोह-मुक्त होकर कर्म करने की सलाह देते हैं, तो आधुनिक तंत्रिका-विज्ञान (Neuroscience) की भाषा […]

भावनात्मक बुद्धिमत्ता का सजीव कोश है ‘भगवद्गीता’।
03Aug

भावनात्मक बुद्धिमत्ता का सजीव कोश…

भाग–6 : विनम्रता विनम्रता का अर्थ है—विनीत होना, अपनी क्षमताओं और सीमाओं के प्रति यथार्थवादी दृष्टिकोण रखना तथा दूसरों के […]

Scroll to Top