






Dr. Markanday Ahuja
Dr. Ahuja is an excellent orator, avid reader and meticulous writer. He has written over 20 books.
Key Highlights
प्रकाशन
तनाव प्रबन्धन की अचूक दवा…
श्रीमद्भगवद्गीता जीवन जीने की कला का एक सर्वांगपूर्ण ग्रंथ है, जो मनःसंस्थान के सम्पूर्ण तंत्रों की व्याख्या करती है। वर्तमान […]
विशुद्ध भक्ति देती है ब्रह्म…
14वें अध्याय के 26वें श्लोक में भगवान कहते हैं— मां च योऽव्यभिचारेण भक्तियोगेन सेवते।स गुणान्समतीत्यैतान्ब्रह्मभूयाय कल्पते॥ अर्थात् जो लोग विशुद्ध […]
मानव से महामानव बनाती है…
मानव जीवन में सोच, विचार, चिंतन, मनन, व्यवहार, एहसास और चरित्र के बड़े मायने हैं। जीवन में क्षमा को परम […]
यथोचित समय, स्थान में सुपात्र…
सुखमात्यन्तिकं यत्तद् बुद्धिग्राह्यमतीन्द्रियम्। वेत्ति यत्र न चैवायं स्थितश्चलति तत्त्वतः।। (6.21) यं लब्ध्वा चापरं लाभं मन्यते नाधिकं ततः। यस्मिन्स्थितो […]
संयमित हो प्रतिक्रिया
बोलना और प्रतिक्रिया करना जरूरी है, लेकिन संयम और सभ्यता का दामन नहीं छूटना चाहिए।आजाद रहिए विचारों से, बंधे रहिए […]
निष्ठा से हासिल होती है…
कर्म के प्रति निष्ठा ही मनुष्य को महान बनाती है।निष्ठा यानी खुद पर इतना करे इंसान ऐतबार,गैरमुमकिन को भी मुमकिन […]
ईर्ष्यालु को मुक्ति नहीं
ईर्ष्या वह आंतरिक अग्नि है, जो भीतर ही भीतर दूसरों की उन्नति देखकर हमें भस्म करती है।दूसरों की भलाई या […]
दृढ़ तू संकल्प कर, निश्चय…
गीता का 12वाँ अध्याय ‘भक्ति योग’ कहलाता है। भगवान भक्त के गुणों की चर्चा करते हुए 14वें श्लोक में पाँच […]
भाव तेरा, भार मेरा :…
एक बार एक व्यक्ति सिर पर सामान की गठरी रखे रेलगाड़ी में चढ़ा।रेल चल पड़ी, लेकिन वह व्यक्ति गठरी सिर […]
भारत में है प्रभावी नेतृत्व…
आज हम नेतृत्व को केवल एक राष्ट्र, निगम या बड़ी संस्था का संचालन करने तक सीमित नहीं समझते, बल्कि इसे […]
जीवन में सही निर्णय लेना…
प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अनेक निर्णय लेने पड़ते हैं।ये निर्णय हमारे जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं। […]
वाणी प्रबंधन समग्र व्यक्तित्व का…
प्रायः देखने में आता है कि यदि थोड़ी-सी भी स्थिति प्रतिकूल हो जाए, तो लोग तुरंत भड़क उठते हैं और […]
