Dr. Markanday Ahuja

Dr. Ahuja is an excellent orator, avid reader and meticulous writer. He has written over 20 books.

"कोई अल्फाज नहीं है, फिर भी कलम उठाई है , गीता के प्रचार की लौ जलाई है! कोई भाषा व्याकरण नहीं है, फिर भी दिल से गीता गाई है,गीता के प्रचार की लौ जलाई है! कोई तजुर्बा नहीं है, फिर भी जागरूकता की बीड़ उठाई है, गीता के प्रचार की लौ जलाई है! कोई धन दौलत नहीं है,फिर भी श्रीकृष्ण कृपा से आस लगाई है, गीता के प्रचार की लौ जलाई है! कोई वाद्य उपकरण नहीं हैं,फिर भी एक हाथ से ताली बजाई है,गीता के प्रचार की लौ जलाई है! आशा है आपको गीता का यह स्वरूप पसन्द आएगा।"
डॉ मारकन्डे आहूजा
नेत्र विशेषज्ञ एवं पूर्व कुलपति

Key Highlights

प्रकाशन

तनाव प्रबन्धन की अचूक दवा है गीता
10May

तनाव प्रबन्धन की अचूक दवा…

श्रीमद्भगवद्गीता जीवन जीने की कला का एक सर्वांगपूर्ण ग्रंथ है, जो मनःसंस्थान के सम्पूर्ण तंत्रों की व्याख्या करती है। वर्तमान […]

विशुद्ध भक्ति देती है ब्रह्म पद पाने की शक्ति — गीता
10May

विशुद्ध भक्ति देती है ब्रह्म…

14वें अध्याय के 26वें श्लोक में भगवान कहते हैं— मां च योऽव्यभिचारेण भक्तियोगेन सेवते।स गुणान्समतीत्यैतान्ब्रह्मभूयाय कल्पते॥ अर्थात् जो लोग विशुद्ध […]

मानव से महामानव बनाती है क्षमा — गीता
10May

मानव से महामानव बनाती है…

मानव जीवन में सोच, विचार, चिंतन, मनन, व्यवहार, एहसास और चरित्र के बड़े मायने हैं। जीवन में क्षमा को परम […]

यथोचित समय, स्थान में सुपात्र को दिया गया दान सात्त्विक होता है।
11Apr

यथोचित समय, स्थान में सुपात्र…

सुखमात्यन्तिकं यत्तद् बुद्धिग्राह्यमतीन्द्रियम्। वेत्ति यत्र न चैवायं स्थितश्चलति तत्त्वतः।। (6.21)     यं लब्ध्वा चापरं लाभं मन्यते नाधिकं ततः। यस्मिन्स्थितो […]

संयमित हो प्रतिक्रिया
11Apr

संयमित हो प्रतिक्रिया

बोलना और प्रतिक्रिया करना जरूरी है, लेकिन संयम और सभ्यता का दामन नहीं छूटना चाहिए।आजाद रहिए विचारों से, बंधे रहिए […]

निष्ठा से हासिल होती है मंज़िल
11Apr

निष्ठा से हासिल होती है…

कर्म के प्रति निष्ठा ही मनुष्य को महान बनाती है।निष्ठा यानी खुद पर इतना करे इंसान ऐतबार,गैरमुमकिन को भी मुमकिन […]

ईर्ष्यालु को मुक्ति नहीं
09Apr

ईर्ष्यालु को मुक्ति नहीं

ईर्ष्या वह आंतरिक अग्नि है, जो भीतर ही भीतर दूसरों की उन्नति देखकर हमें भस्म करती है।दूसरों की भलाई या […]

दृढ़ तू संकल्प कर, निश्चय अपनी जीत कर
30Mar

दृढ़ तू संकल्प कर, निश्चय…

गीता का 12वाँ अध्याय ‘भक्ति योग’ कहलाता है। भगवान भक्त के गुणों की चर्चा करते हुए 14वें श्लोक में पाँच […]

भाव तेरा, भार मेरा : गीता के कृष्ण
24Feb

भाव तेरा, भार मेरा :…

एक बार एक व्यक्ति सिर पर सामान की गठरी रखे रेलगाड़ी में चढ़ा।रेल चल पड़ी, लेकिन वह व्यक्ति गठरी सिर […]

भारत में है प्रभावी नेतृत्व के गुण
07Feb

भारत में है प्रभावी नेतृत्व…

आज हम नेतृत्व को केवल एक राष्ट्र, निगम या बड़ी संस्था का संचालन करने तक सीमित नहीं समझते, बल्कि इसे […]

जीवन में सही निर्णय लेना सिखाती है गीता
07Feb

जीवन में सही निर्णय लेना…

प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अनेक निर्णय लेने पड़ते हैं।ये निर्णय हमारे जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं। […]

वाणी प्रबंधन समग्र व्यक्तित्व का प्रभावी अंग: गीता
07Feb

वाणी प्रबंधन समग्र व्यक्तित्व का…

प्रायः देखने में आता है कि यदि थोड़ी-सी भी स्थिति प्रतिकूल हो जाए, तो लोग तुरंत भड़क उठते हैं और […]

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