Dr. Markanday Ahuja

Dr. Ahuja is an excellent orator, avid reader and meticulous writer. He has written over 20 books.

"कोई अल्फाज नहीं है, फिर भी कलम उठाई है , गीता के प्रचार की लौ जलाई है! कोई भाषा व्याकरण नहीं है, फिर भी दिल से गीता गाई है,गीता के प्रचार की लौ जलाई है! कोई तजुर्बा नहीं है, फिर भी जागरूकता की बीड़ उठाई है, गीता के प्रचार की लौ जलाई है! कोई धन दौलत नहीं है,फिर भी श्रीकृष्ण कृपा से आस लगाई है, गीता के प्रचार की लौ जलाई है! कोई वाद्य उपकरण नहीं हैं,फिर भी एक हाथ से ताली बजाई है,गीता के प्रचार की लौ जलाई है! आशा है आपको गीता का यह स्वरूप पसन्द आएगा।"
डॉ मारकन्डे आहूजा
नेत्र विशेषज्ञ एवं पूर्व कुलपति

Key Highlights

प्रकाशन

रासबिहारी बोस
25Aug

रासबिहारी बोस

धैर्य, दूरदृष्टि और मौन कर्मयोग के गीता-योद्धा “कुछ लोग इतिहास बनाते हैं, कुछ लोग इतिहास बनाने वालों को तैयार करते […]

चंद्रशेखर आज़ाद
25Aug

चंद्रशेखर आज़ाद

आत्मबल, आत्मसंयम और अडिग संकल्प के गीता-योद्धा “दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे,आज़ाद ही रहे हैं, आज़ाद ही रहेंगे।” […]

शहीद भगत सिंह
25Aug

शहीद भगत सिंह

शुद्ध एवं संशोधित पाठ ज्ञान, विवेक और निर्भय कर्तव्य के गीता-योद्धा “क्रांति की तलवार विचारों की सान पर तेज होती […]

अध्याय 3
23Aug

अध्याय 3

वीर विनायक दामोदर सावरकर अभय, स्वधर्म और अदम्य संकल्प के गीता-योद्धा अभय, स्वधर्म और अदम्य संकल्प के गीता-योद्धा “जो राष्ट्र […]

अध्याय 2 नेताजी सुभाष चंद्र बोस
23Aug

अध्याय 2 नेताजी सुभाष चंद्र…

कर्मयोग, स्वधर्म और अदम्य नेतृत्व के गीता-योद्धा “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा।” “नियतं कुरु कर्म त्वं कर्म […]

अध्याय 1
23Aug

अध्याय 1

पंडित राम प्रसाद बिस्मिल निष्काम कर्म, निर्भयता और आत्मा की अमरता के अमर साधक! यदि भगवद्गीता का यह संदेश—“कर्म करो, […]

गीता से स्वाधीनता तक — एक प्रेरणादायी यात्रा
20Aug

गीता से स्वाधीनता तक —…

भारत का स्वतंत्रता संग्राम विश्व इतिहास का एक अद्वितीय अध्याय है। यह केवल राजनीतिक सत्ता परिवर्तन का आंदोलन नहीं था, […]

गीता की दैवीय संपदा का प्रथम गुण — ‘अभय’
10Aug

गीता की दैवीय संपदा का…

अभय निर्भयता नहीं है, क्योंकि निर्भय तो आसुरी संपदा वाले लोग भी होते हैं अभय शब्द सुनते ही हमें जो […]

कृत्य तुम्हारा चेतन हो :…

ज्ञानयोग में निरंतर दृढ़ स्थिति : दैवी संपदा का तृतीय गुण जिसे हम अवेयरनेस कहते हैं, महावीर ने जिसे सम्यक […]

भगवद्गीता वीरों का शास्त्र : स्वामी विवेकानंद
10Aug

भगवद्गीता वीरों का शास्त्र :…

हमेशा अपने संग रखते थे गीता अपने प्रवचनों में करते थे गीता के श्लोकों का उल्लेख स्वामी विवेकानंद जयंती पर […]

भगवद्गीता में है ध्यान की पूर्ण अंतर्दृष्टि।
10Aug

भगवद्गीता में है ध्यान की…

ध्यान है आंतरिक शांति, स्पष्टता और आध्यात्मिक विकास का मार्ग अंतरराष्ट्रीय ध्यान दिवस पर विशेष आज की तेज रफ्तार जिंदगी […]

गुरु-शिष्य परंपरा का चरमोत्कर्ष मोक्ष-प्राप्ति है।
06Aug

गुरु-शिष्य परंपरा का चरमोत्कर्ष मोक्ष-प्राप्ति…

मीन्स और मेंटर में हमेशा मेंटर का करें चुनाव (गुरु पूर्णिमा पर विशेष) वैदिक काल से ही भारत में गुरु-शिष्य […]

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