भावनात्मक बुद्धिमत्ता का सजीव कोश है भगवद्गीता।भाग–5 : अनुकूलन क्षमता
भाग–5 : अनुकूलन क्षमता 2022 में नियोक्ताओं द्वारा सर्वाधिक महत्त्व दिए जाने वाले शीर्ष पाँच सॉफ्ट स्किल्स में अनुकूलन क्षमता […]
भाग–5 : अनुकूलन क्षमता 2022 में नियोक्ताओं द्वारा सर्वाधिक महत्त्व दिए जाने वाले शीर्ष पाँच सॉफ्ट स्किल्स में अनुकूलन क्षमता […]
भाग–4 : सामाजिक जागरूकता सामाजिक जागरूकता सामाजिक परिस्थितियों को समझने और उनसे प्रभावी ढंग से निपटने की क्षमता है। इसमें
भाग–3 : सहानुभूति (Empathy) सहानुभूति सहानुभूति दूसरों की भावनाओं को समझने और उन्हें अनुभव करने की क्षमता है। इसमें
(भाग–दो) भावनात्मक बुद्धिमत्ता का सजीव कोश है भगवद्गीता (भाग–दो) आत्म-नियमन या भावनात्मक आत्म-नियंत्रण आत्म-नियमन किसी भी व्यक्ति की अपनी भावनाओं,
मशीनी युग की दुनिया में अपनाया जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण कौशल (भाग–एक) जब से डेनियल गोलमैन ने वर्ष 1995 में
॥ गुरु वंदना ॥ गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज को समर्पित जिनकी वाणी में गीता का अमृत निर्झर बहता
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“दृढ़ता के बिना संकल्प केवल एक इच्छा बनकर रह जाता है” भगवद्गीता के तेरहवें अध्याय (श्लोक 8–12) में भगवान श्रीकृष्ण
गीता के समभाव में मन कभी विचलित नहीं होगा भगवद्गीता के दूसरे अध्याय के 48वें श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण कहते
गीता भारत के प्राचीन योग और ज्ञान का निचोड़ तथा समन्वय है : स्वामी ज्ञानानंद 17 जून 2024 को स्वामी