Geeta

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कर्म को निष्काम भाव से करने की अंतर्दृष्टि देती है गीता।

भगवद्गीता का अत्यंत चर्चित, प्रसिद्ध, चिंतनशील एवं अनुकरणीय श्लोक दूसरे अध्याय का 47वाँ श्लोक है— कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। मा

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नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए महत्त्वपूर्ण गीता-दर्शन

भारतीय विचार में शिक्षा का उद्देश्य भारतीय विचार में शिक्षा का उद्देश्य सदैव कल्याणकारी समाज के लिए संवेदनशील, बुद्धिमान, तार्किक,

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